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UPI के नए MDR नियम 2026: ₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतान पर क्या बदलेगा?

By Admin | Sep 16, 2026 | 2 min read

UPI के नए MDR नियम 2026: ₹2,000 से ऊपर के लेनदेन से जुड़े सभी सवालों के जवाब

Unified Payments Interface यानी UPI भारत में डिजिटल भुगतान का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसके माध्यम से करोड़ों लोग हर दिन दुकानों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सेवा प्रदाताओं और अन्य व्यक्तियों को तुरंत भुगतान करते हैं। UPI से जुड़े नए Merchant Discount Rate यानी MDR नियमों को लेकर उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, कुछ Person-to-Merchant यानी P2M UPI लेनदेन पर ₹2,000 से अधिक की राशि होने पर MDR लागू किया जा सकता है। वहीं Person-to-Person यानी P2P लेनदेन को इस प्रकार के Merchant Discount Rate से अलग रखा गया है।

UPI MDR क्या है?

Merchant Discount Rate यानी MDR वह शुल्क है जो कुछ डिजिटल भुगतान लेनदेन को संसाधित करने के लिए व्यापारी पक्ष पर लागू होता है। दिए गए FAQ के अनुसार, पात्र P2M UPI लेनदेन में ₹2,000 से अधिक की राशि पर 0.4% MDR प्रस्तावित किया गया है। वहीं ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन बताई गई है। इस व्यवस्था में शुल्क ग्राहक से अलग से लेने के बजाय पात्र व्यापारी पक्ष पर लागू होने की बात कही गई है।

MDR लागू करने की आवश्यकता क्यों बताई गई है?

UPI हर महीने बहुत बड़ी संख्या में डिजिटल लेनदेन को संसाधित करता है। इतनी बड़ी भुगतान व्यवस्था को चलाने के लिए सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग नेटवर्क, तकनीकी प्रणालियों, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी की रोकथाम और ग्राहक सहायता जैसी सेवाओं में लगातार निवेश की आवश्यकता होती है। दिए गए FAQ के अनुसार, MDR से प्राप्त राशि का उपयोग UPI इकोसिस्टम की आधारभूत संरचना को मजबूत करने, तकनीकी नवाचार, साइबर सुरक्षा और ग्राहक सेवा जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।

क्या ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर MDR लगेगा?

दिए गए प्रस्तावित ढांचे के अनुसार, ₹2,000 तक के पात्र UPI लेनदेन पर MDR लागू नहीं होगा। इसका मतलब है कि रोजमर्रा के छोटे डिजिटल भुगतान जैसे स्थानीय दुकानों, भोजनालयों और अन्य छोटे व्यापारियों को किए जाने वाले भुगतान पर प्रस्तावित MDR का प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान को बिना अतिरिक्त व्यापारी शुल्क के जारी रखना बताया गया है।

₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर कितना MDR लगेगा?

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के पात्र Person-to-Merchant यानी P2M UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होगा। उदाहरण के लिए, ₹3,000 के पात्र लेनदेन पर 0.4% के हिसाब से ₹12 MDR बनता है। इसी तरह ₹50,000 के लेनदेन पर MDR ₹200 होगा। हालांकि, ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम MDR ₹300 तक सीमित रहेगा।

लेनदेन राशिप्रस्तावित MDRव्यापारी द्वारा MDR
₹2,0000%₹0
₹3,0000.40%₹12
₹50,0000.40%₹200
₹75,000 या अधिकअधिकतम सीमा₹300

क्या आम उपभोक्ताओं से UPI शुल्क लिया जाएगा?

दिए गए FAQ के अनुसार, आम उपभोक्ताओं से UPI भुगतान करने के लिए कोई अलग शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रस्तावित MDR मुख्य रूप से पात्र व्यापारी लेनदेन पर लागू होगा। इसलिए ग्राहक सामान्य UPI भुगतान करते समय किसी अलग UPI शुल्क का भुगतान नहीं करेगा, जैसा कि इस प्रस्तावित व्यवस्था में बताया गया है।

क्या Person-to-Person यानी P2P UPI भुगतान मुफ्त रहेगा?

हाँ। प्रस्तावित MDR व्यवस्था का उद्देश्य Person-to-Person यानी P2P भुगतान पर शुल्क लगाना नहीं है। यदि कोई व्यक्ति अपने परिवार के सदस्य, मित्र या किसी अन्य व्यक्ति को UPI के माध्यम से पैसे भेजता है, तो इस प्रकार के व्यक्तिगत लेनदेन पर व्यापारी MDR लागू नहीं होगा। इसी तरह अनुमत व्यक्तिगत या स्वयं के बैंक खातों के बीच किए जाने वाले ट्रांसफर भी इस व्यापारी शुल्क के दायरे में नहीं आते।

क्या UPI ऐप अलग से Platform Fee ले सकते हैं?

दिए गए FAQ के अनुसार, UPI ऐप प्रदाताओं द्वारा UPI भुगतान के लिए उपभोक्ताओं से अलग Platform Fee या अन्य शुल्क नहीं लिया जाएगा। MDR और Platform Fee को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण है। MDR प्रस्तावित रूप से पात्र व्यापारी लेनदेन से संबंधित है, जबकि ग्राहक से अलग Platform Fee लेने की बात इस व्यवस्था में नहीं कही गई है।

क्या दुकानदार MDR का शुल्क ग्राहक से वसूल सकता है?

दिए गए कंटेंट के अनुसार, व्यापारी UPI स्वीकार करने के लिए लगने वाले MDR को ग्राहक से अलग शुल्क के रूप में वसूल नहीं कर सकेंगे। ग्राहक से वस्तु या सेवा की निर्धारित कीमत ही लेने की व्यवस्था बताई गई है। हालांकि, किसी भी भुगतान लागत का व्यापक प्रभाव व्यापारिक मूल्य निर्धारण पर बाजार की परिस्थितियों और व्यवसाय के संचालन पर निर्भर कर सकता है।

क्या QR Code से भुगतान करने पर ग्राहक को शुल्क देना होगा?

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, ग्राहक द्वारा UPI QR Code स्कैन करके भुगतान करने पर कोई अलग QR Code शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्थानीय दुकानों, बाजारों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर QR Code के माध्यम से भुगतान करने की प्रक्रिया ग्राहक के लिए निःशुल्क रहने की बात कही गई है। जहां MDR लागू होगा, वह व्यापारी पक्ष से संबंधित होगा।

क्या UPI पर हर महीने कोई Free Transaction Limit होगी?

प्रस्तावित MDR व्यवस्था को उपभोक्ताओं के लिए किसी मासिक सदस्यता शुल्क या उपयोग शुल्क के रूप में नहीं बताया गया है। इसका अर्थ है कि केवल अधिक संख्या में UPI लेनदेन करने के कारण ग्राहक से MDR नहीं लिया जाएगा। हालांकि, बैंक और भुगतान प्रणाली सुरक्षा कारणों से अलग-अलग दैनिक या लेनदेन सीमा निर्धारित कर सकते हैं। ऐसी सीमाएं सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन से संबंधित होती हैं, न कि MDR शुल्क से।

छोटे व्यापारियों के लिए P2PM व्यवस्था क्या है?

P2PM एक ऐसी व्यवस्था है जिसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों और सूक्ष्म व्यवसायों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने में सहायता देना है। दिए गए FAQ के अनुसार, पात्र P2PM व्यापारियों को निर्धारित सीमा तक UPI QR के माध्यम से प्राप्त भुगतान पर Zero MDR की सुविधा मिल सकती है। इसमें ₹1 लाख प्रति माह तक UPI संग्रह करने वाले पात्र छोटे व्यापारियों का उल्लेख किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे दुकानदारों और असंगठित क्षेत्र के व्यवसायों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है।

क्या छोटे व्यापारियों को अपना QR Code बदलना होगा?

दिए गए कंटेंट के अनुसार, छोटे व्यापारियों को केवल MDR नियमों में बदलाव के कारण अपना मौजूदा UPI QR Code बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। वर्तमान QR Code और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से भुगतान स्वीकार करना जारी रखा जा सकता है। हालांकि, अंतिम संचालन प्रक्रिया संबंधित बैंक या Payment Service Provider के नियमों पर निर्भर करेगी।

अगर छोटे व्यापारी को ₹2,000 से अधिक का भुगतान मिले तो क्या होगा?

MDR की लागू होने की स्थिति केवल भुगतान की राशि पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि व्यापारी की श्रेणी और लागू नियमों पर भी निर्भर करेगी। दिए गए FAQ के अनुसार, पात्र P2PM व्यापारी को उसकी निर्धारित छूट वाली श्रेणी के अंतर्गत Zero MDR मिल सकता है, भले ही किसी एक ग्राहक द्वारा ₹2,000 से अधिक का भुगतान किया जाए। इसलिए केवल एक लेनदेन का मूल्य व्यापारी की MDR पात्रता निर्धारित करने वाला एकमात्र आधार नहीं है।

क्या Zero MDR के लिए GST Registration जरूरी है?

दिए गए FAQ के अनुसार, P2PM के अंतर्गत Zero MDR सुविधा प्राप्त करने के लिए GST Registration को अनिवार्य शर्त नहीं बताया गया है। पात्रता व्यापारी की श्रेणी, मासिक UPI संग्रह और संबंधित बैंक या Payment Service Provider द्वारा निर्धारित वर्गीकरण पर निर्भर करेगी। छोटे व्यापारियों को अपनी वास्तविक पात्रता की पुष्टि संबंधित बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता से करनी चाहिए।

छोटे P2PM व्यापारियों की पहचान कैसे होगी?

दिए गए कंटेंट के अनुसार, बैंक और Payment Service Providers P2PM व्यापारियों के UPI लेनदेन और मासिक प्राप्तियों की निगरानी कर सकते हैं। यदि किसी व्यापारी की UPI प्राप्तियां लगातार तीन महीनों तक ₹1 लाख प्रति माह से अधिक रहती हैं, तो उसे P2PM से नियमित P2M श्रेणी में स्थानांतरित किए जाने की बात FAQ में कही गई है। अंतिम प्रक्रिया संबंधित आधिकारिक दिशानिर्देशों पर निर्भर करेगी।

क्या ग्रामीण व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा?

प्रस्तावित व्यवस्था में ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। छोटे व्यापारियों के लिए प्रस्तावित एक विशेष फंड के माध्यम से Merchant Onboarding, डिजिटल भुगतान इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI स्वीकार करने की क्षमता को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस फंड से संबंधित विस्तृत नियम और पात्रता बाद में निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है।

बड़े व्यापारियों पर कितना MDR लागू होगा?

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, पात्र बड़े व्यापारियों द्वारा किए जाने वाले ₹2,000 से अधिक के P2M UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम MDR ₹300 प्रति लेनदेन होगा। वहीं ₹2,000 तक के पात्र लेनदेन पर प्रस्तावित MDR शून्य रहेगा।

₹1 लाख के UPI भुगतान पर कितना MDR होगा?

यदि ₹1 लाख का लेनदेन पात्र P2M श्रेणी में आता है, तो 0.4% की गणना के अनुसार MDR ₹400 बनता है। लेकिन प्रस्तावित अधिकतम सीमा ₹300 होने के कारण MDR ₹300 तक सीमित रहेगा। इस प्रकार ₹1 लाख के पात्र लेनदेन पर व्यापारी द्वारा भुगतान किया जाने वाला प्रस्तावित MDR ₹300 होगा।

क्या कुछ क्षेत्रों के लिए अलग MDR होगा?

दिए गए FAQ में कुछ विशेष उद्योग क्षेत्रों के लिए अलग शुल्क संरचना का उल्लेख किया गया है। इनमें रेलवे, दूरसंचार, बीमा, ईंधन और कुछ उपयोगिता सेवाएं शामिल हैं। इन पात्र क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर 0.4% के बजाय ₹5 का Flat MDR लागू होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, अंतिम श्रेणियों और लागू नियमों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

बीमा भुगतान पर MDR कैसे लागू होगा?

दिए गए कंटेंट के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के पात्र बीमा प्रीमियम भुगतान पर ₹5 का Flat MDR लागू किया जा सकता है। ₹2,000 तक के भुगतान पर प्रस्तावित MDR शून्य रहेगा। इस तरह बड़े बीमा प्रीमियम पर प्रतिशत आधारित शुल्क के बजाय एक निश्चित शुल्क व्यवस्था का प्रावधान बताया गया है।

पेट्रोल पंप पर UPI भुगतान करने पर क्या होगा?

दिए गए FAQ के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के पात्र ईंधन भुगतान पर ₹5 का Flat MDR लागू होगा। ₹2,000 तक के पात्र ईंधन भुगतान पर MDR शून्य रहेगा। इसका उद्देश्य ईंधन क्षेत्र में बड़े भुगतान पर प्रतिशत आधारित शुल्क के बजाय सीमित निश्चित शुल्क लागू करना बताया गया है।

बिजली और पानी के बिल पर क्या MDR लगेगा?

बिजली, पानी और अन्य सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं के भुगतान को विशेष Industry Program श्रेणी में रखने की जानकारी दी गई है। इसके अनुसार, ₹2,000 से अधिक के पात्र भुगतान पर ₹5 का Flat MDR लागू किया जा सकता है, जबकि ₹2,000 तक के भुगतान पर MDR शून्य रहेगा। अंतिम नियम संबंधित सेवा और व्यापारी की श्रेणी पर निर्भर करेंगे।

शैक्षणिक शुल्क के भुगतान पर क्या नियम होंगे?

दिए गए कंटेंट के अनुसार, स्कूल फीस, विश्वविद्यालय शुल्क और कुछ अन्य शैक्षणिक भुगतान विशेष श्रेणी में शामिल किए जा सकते हैं। ₹2,000 तक के भुगतान पर प्रस्तावित MDR नहीं होगा। इससे अधिक के पात्र लेनदेन पर Flat Fee या अन्य निर्धारित Processing Rate लागू होने की बात कही गई है। शैक्षणिक संस्थानों को अंतिम नियमों के लिए अपने बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता से पुष्टि करनी चाहिए।

क्या UPI से जुड़े Credit Card Payments पर भी MDR लागू होगा?

UPI से जुड़े Credit Card Payments और Credit Lines सामान्य बैंक खाते से व्यापारी के खाते में होने वाले Direct UPI Payments से अलग नियमों के अंतर्गत आ सकते हैं। उदाहरण के लिए, UPI से जुड़े RuPay Credit Card लेनदेन में Credit Product के अलग नियम लागू हो सकते हैं। इसलिए प्रस्तावित Direct Account-to-Merchant MDR को Credit-linked UPI Transactions पर स्वतः लागू नहीं माना जाना चाहिए।

Mutual Funds और Capital Market Payments पर क्या नियम होंगे?

दिए गए FAQ में Capital Market Transactions के लिए अलग MDR व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार Mutual Funds, Securities, Stockbrokers और Dealers से संबंधित पात्र UPI भुगतान पर 0.02% MDR और अधिकतम ₹300 की सीमा बताई गई है। यह श्रेणी सामान्य खरीदारी और अन्य नियमित व्यापारी भुगतानों से अलग रखी गई है।

UPI के लिए Cybersecurity क्यों महत्वपूर्ण है?

UPI के बड़े स्तर पर उपयोग को देखते हुए Cybersecurity एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। बड़े डिजिटल भुगतान नेटवर्क को Fraud Detection, Transaction Monitoring, Encryption, Data Protection और System Resilience जैसी सुरक्षा प्रणालियों की आवश्यकता होती है। दिए गए FAQ के अनुसार, MDR से प्राप्त राजस्व का एक हिस्सा Cybersecurity Infrastructure, AI आधारित Fraud Detection और अन्य सुरक्षा तकनीकों में निवेश के लिए उपयोग किया जा सकता है।

UPI का लेनदेन स्तर कितना बड़ा है?

दिए गए कंटेंट के अनुसार, अगस्त 2026 में UPI ने 2,451 करोड़ लेनदेन किए, जिनका कुल मूल्य लगभग ₹29.9 लाख करोड़ बताया गया है। इतनी बड़ी संख्या में लेनदेन को संभालने के लिए मजबूत Server Infrastructure, Telecom Networks, Banking Software, Cybersecurity Systems और तकनीकी सहायता की आवश्यकता होती है। UPI के बढ़ते उपयोग के साथ इसके इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन की स्थिरता भी महत्वपूर्ण विषय बन गई है।

UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार कितना हुआ है?

भारत में व्यापक उपयोग के बाद UPI का विस्तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुआ है। दिए गए कंटेंट में 2026 तक 11 विदेशी देशों में UPI आधारित Live Payment Services उपलब्ध होने का उल्लेख किया गया है। अंतरराष्ट्रीय विस्तार के साथ सुरक्षित, विश्वसनीय और टिकाऊ डिजिटल भुगतान इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

UPI को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना क्यों जरूरी है?

UPI के बड़े पैमाने पर संचालन के लिए बैंकों, Payment Service Providers, Fintech Companies और Technology Providers को लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सुरक्षा पर खर्च करना पड़ता है। एक स्थायी आर्थिक मॉडल से Technology, Cybersecurity, Reliability और Innovation में निरंतर निवेश को सहायता मिल सकती है। प्रस्तावित MDR व्यवस्था को इसी व्यापक वित्तीय स्थिरता के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है, जबकि उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित मुफ्त भुगतान व्यवस्था को बनाए रखने की बात कही गई है।

नए MDR नियम कब लागू होंगे?

दिए गए FAQ के अनुसार, अंतिम MDR Framework और Threshold Structure 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होने की बात कही गई है। इससे पहले Banks, Payment Aggregators, Fintech Applications और अन्य संबंधित संस्थानों को अपने Software, Billing Systems और Operational Processes को आवश्यकतानुसार अपडेट करने का समय मिलेगा। हालांकि, लागू होने की तारीख और अंतिम नियमों के लिए आधिकारिक NPCI घोषणा को प्राथमिक स्रोत माना जाना चाहिए।

UPI के नए नियमों की आधिकारिक जानकारी कहां से प्राप्त करें?

UPI Charges और नियमों से संबंधित जानकारी के लिए उपयोगकर्ताओं को केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए। National Payments Corporation of India यानी NPCI, Reserve Bank of India यानी RBI, Ministry of Finance और Press Information Bureau यानी PIB द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सोशल मीडिया और Messaging Apps पर प्रसारित किसी भी UPI Charge या Transaction Rule से संबंधित संदेश को आधिकारिक स्रोत से सत्यापित किए बिना आगे साझा नहीं करना चाहिए।

मुख्य बातें

प्रस्तावित UPI MDR व्यवस्था मुख्य रूप से पात्र Person-to-Merchant यानी P2M लेनदेन से संबंधित है। दिए गए FAQ के अनुसार, ₹2,000 तक के पात्र लेनदेन पर MDR नहीं लगेगा, जबकि ₹2,000 से अधिक के पात्र P2M लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन के लिए अधिकतम MDR ₹300 बताया गया है। Person-to-Person यानी P2P भुगतान इस व्यापारी MDR के दायरे से बाहर रहेंगे। छोटे P2PM व्यापारियों, कुछ विशेष उद्योगों और Capital Market Transactions के लिए अलग प्रावधान बताए गए हैं।

निष्कर्ष

UPI भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके बढ़ते उपयोग के साथ इसके इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। प्रस्तावित MDR Framework में कुछ पात्र P2M लेनदेन पर ₹2,000 से अधिक की राशि के लिए 0.4% MDR और ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर ₹300 की अधिकतम सीमा का उल्लेख किया गया है।

उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रस्तावित व्यवस्था में MDR को ग्राहक शुल्क के रूप में नहीं, बल्कि पात्र व्यापारी लेनदेन से जुड़े शुल्क के रूप में बताया गया है। वहीं P2P भुगतान के लिए कोई Merchant MDR नहीं बताया गया है। छोटे व्यापारियों और कुछ विशेष क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्रावधान भी प्रस्तावित हैं।

हालांकि, UPI से जुड़े शुल्क और नियम समय-समय पर आधिकारिक अधिसूचनाओं के माध्यम से बदल सकते हैं। इसलिए किसी भी नए नियम को लागू मानने से पहले NPCI, RBI और संबंधित सरकारी संस्थाओं द्वारा जारी नवीनतम आधिकारिक जानकारी की जांच करना आवश्यक है।

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