24वें वरुणा नौसैनिक अभ्यास के लिए INS त्रिशूल टूलॉन पहुँचा
भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का युद्धपोत INS त्रिशूल (INS Trishul) 22 सितंबर 2026 को फ्रांस के टूलॉन (Toulon) पहुँचा। INS त्रिशूल भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के बीच आयोजित होने वाले 24वें द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘वरुणा’ (Varuna) में भाग ले रहा है। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने, परिचालन समन्वय बढ़ाने और दोनों नौसेनाओं की संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
वरुणा नौसैनिक अभ्यास भारत और फ्रांस की नौसेनाओं के बीच आयोजित होने वाला एक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है। इसकी शुरुआत 1993 में हुई थी और वर्ष 2001 में इसे आधिकारिक रूप से ‘वरुणा’ नाम दिया गया। समय के साथ यह अभ्यास भारत और फ्रांस के बीच रक्षा एवं समुद्री साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। इसके माध्यम से दोनों देशों की नौसेनाओं को एक साथ परिचालन करने, पेशेवर अनुभव साझा करने और एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है।
24वें वरुणा अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाना, परिचालन स्तर पर आपसी संवाद को बढ़ावा देना, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करना और समुद्री सहयोग को मजबूत करना है। इस अभ्यास में हार्बर फेज और सी फेज दोनों शामिल हैं। इन चरणों के माध्यम से दोनों देशों के नौसैनिक कर्मियों को पेशेवर संवाद के साथ-साथ विभिन्न परिचालन गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
हार्बर फेज के दौरान दोनों नौसेनाओं के बीच क्रॉस-डेक विजिट, परिचालन संबंधी चर्चा, पेशेवर आदान-प्रदान और संयुक्त खेल गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य दोनों देशों के नौसैनिक कर्मियों के बीच आपसी समझ और पेशेवर संबंधों को मजबूत करना है। वहीं सी फेज में समुद्र में संयुक्त परिचालन गतिविधियों पर ध्यान दिया जाता है। इससे दोनों नौसेनाओं को वास्तविक समुद्री परिस्थितियों में समन्वय और संयुक्त संचालन की क्षमता को बेहतर बनाने का अवसर मिलता है।
INS त्रिशूल भारतीय नौसेना का एक तलवार-क्लास गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है। इस अभ्यास में इसकी भागीदारी भारत की द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समुद्री सहयोग में निरंतर सक्रिय भूमिका को दर्शाती है। अभ्यास के दौरान भारतीय नौसेना को फ्रांसीसी नौसेना के साथ निकटता से परिचालन समन्वय करने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है।
वरुणा नौसैनिक अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे भारत तथा फ्रांस के बीच मजबूत रणनीतिक समुद्री साझेदारी को भी दर्शाता है। नियमित नौसैनिक अभ्यासों के माध्यम से दोनों देश आपसी समझ को मजबूत करते हैं, परिचालन अनुभव साझा करते हैं और समुद्री क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
भारत और फ्रांस अपनी सेनाओं की विभिन्न शाखाओं के बीच कई संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित करते हैं। वरुणा दोनों देशों की नौसेनाओं का अभ्यास है, गरुड़ (Garuda) वायु सेना का अभ्यास है, शक्ति (Shakti) थल सेना का अभ्यास है, जबकि FRINJEX एक संयुक्त सैन्य अभ्यास है। ये सभी अभ्यास भारत और फ्रांस के व्यापक रक्षा सहयोग का हिस्सा हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
वरुणा अभ्यास भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के बीच आयोजित किया जाता है। इसकी शुरुआत 1993 में हुई थी और वर्ष 2001 में इसे आधिकारिक रूप से ‘वरुणा’ नाम दिया गया। वर्ष 2026 में आयोजित 24वाँ संस्करण फ्रांस के टूलॉन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारतीय नौसेना की ओर से INS त्रिशूल भाग ले रहा है।
त्वरित पुनरावृत्ति
वरुणा → भारत-फ्रांस नौसैनिक अभ्यास
24वाँ संस्करण → 2026
स्थान → टूलॉन, फ्रांस
भारतीय युद्धपोत → INS त्रिशूल
शुरुआत → 1993
‘वरुणा’ नाम → 2001
गरुड़ → वायु सेना अभ्यास
शक्ति → थल सेना अभ्यास
FRINJEX → संयुक्त सैन्य अभ्यास